• Mon. Sep 21st, 2020

अब कोरोना के बाद चीन में G 4 वायरस ने मचाया कहर , एक अनुमान के मुताबिक कोरोना से भी ज्यादा हो सकता है खतरनाख

Spread the love
Read Time:4 Minute, 33 Second

विश्व अभी कोविड 19 के प्रभाव से उबर नहीं पाया हैं, कि चीन  में एक अन्य वाइरस G-4 ने दस्तक दे दी हैं  । अमेरिका की पत्रिका PNAS ( Proceedings of the National Academy of Science of the United States of America) में सोमवार को  प्रकशित लेख द्वारा इस बात की पुष्टि की गई।  यह वाइरस H1N1 फ्लू के समुदाय का ही विकसित रूप हैं जिसे वैज्ञानिकों ने G-4 EA H1N1 नाम दिया हैं  ।  शोधकर्ताओं का मानना हैं इसके  अन्दर भी  महामारी का रूप लेने की क्षमता हैं ।

Image source-google/image bywikimediacommon

G-4 EA H1N1वाइरस क्या हैं

आपको बता दे कि यह एक प्रकार का ‘स्वाइन फ़्लू’ हैं । ‘स्वाइन’ शब्द का प्रयोग ‘सुअर’(Pig) के लिए किया जाता हैं ।  जबकी फ्लू (Influenza) का तात्पर्य ख़ासी जुखाम से फैलने वाले संक्रमण के  रूप में लिया जाता  है। अर्थात स्वाइन फ्लू वह बीमारी हैं, जो  सूअर का मांस खाने से फैलता हैं और खासी जुखाम के माध्यम से इसका संक्रमण महामारी का रूप ले सकता हैं  । जिसका प्रमाण  H1N1 फ्लू ने 2009 -2010 में विश्व में लगभग 2,84,000 लोगो की जान लेकर दे दिया हैं । चीन जो की पूरे विश्व में 50 % सूअरों का उत्पादक देश हैं । यहाँ स्वाइन फ्लू के प्रभाव को देखते हुए लगातार 2011 से 2018 तक सुअर के बलगम  का अनियमित जांच करने से यह पता चला की H1N1 के पश्चात 165 प्रकार के वाइरस आ चुके हैं ।  जिसमे सबसे खतरनाक एवं आतंकित कर सकने वाला वाइरस G-4 हैं । हैरान करने वाली बात यह है कि G-4 वाइरस ने अपने न्यूक्लियर में इस प्रकार का परिवर्तन कर लिया हैं कि इसके  ऊपर H1N1 फ्लू   के लिए बनाई गई वैक्सीन का कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा हैं।

 इस  वाइरस के नया एवं पहले के वाइरस से अधिक शक्तिशाली होने के नाते लोगो में इसके प्रति प्रतिरोधक क्षमता नाम मात्र हैं । चीन के शोधकर्ताओं ने सुअर को पालने वालों एवं बूचडखानो के समीप निवास करने वाले व्यक्तियों की जब जांच की तो जो चौकाने वाला तथ्य सामने आया वह था कि 10.4 % लोग इस वाइरस से संक्रमित हैं । परन्तु राहत की बात यह हैं कि यह संक्रमण अभी तक सुअर से मानव में आया हैं, परन्तु मानव से मानव में संक्रमण की पुष्टि अभी नहीं हुई हैं । परन्तु शोधकर्ता का मानना हैं कि यह अपना स्वरुप बदल सकता हैं और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी संक्रमित हो कोरोना की तरह महामारी का रूप भी  ले सकता हैं ।

क्या यह कोरोना (Covid-19) से अधिक प्रभाव शाली हैं ?

किसी भी महामारी के प्रभाव का परीक्षण सीधे मानव के शरीर पर करने  की इजाजत सरकार नहीं देती। यही कारण हैं  कि  नेवले के शरीर में  इस वाइरस को सर्वप्रथम डाल कर इसके प्रभाव की जांच की गईं ।  जिसका कारण  यह है नेवले के  खासी, जुखाम  इत्यादि का  लक्षण मानव से  मिलता जुलता हैं । प्रयोग के पश्चात  शोधकर्ताओं  ने पाया कि यह वाइरस कोरोना की भांति ही यह हमारे स्वशन तंत्र पर अपना असर दिखाता हैं जिससे सांस लेना अत्यंत कठिन हो जाता हैं । अर्थात  यदि यह फैलता हैं तो संभवतः  इसके संक्रमण का स्वरुप कोरोना की भांति व उससे भी अधिक हो सकता  अतः सरकार के आदेश पर इसके वैक्सीन पर कार्य करना चीनी सरकार ने प्रारंभ कर दिया हैं ।

0 0
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *